3दिन के कोरोना वेक्सीन टीकाकरण में लगभग 600 लोगो को हुए वेक्सीन के साइड इफ़ेक्ट्स, जाने कितनी घातक व कितनी safe है वेक्सीन…

भारत में 16 जनवरी से ही कोरोना वेक्सीन टीकाकरण शुरू हो गया है। शुरुआत के तीन दिनों में करीब 3,81,305 लोगो को टीका लगया जा चुका है। देश के सभी राज्यों में ये टीकाकरण हुआ है। लेकिन शुरूआती तीन दिनों में ही कोविड-19 से बचाव के इस टीके के 580 लोगो पर प्रतिकूल प्रभाव यानी साइड इफ़ेक्ट्स आ चुके है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने एक बयान में कहा है कि ‘टीके के गंभीर दुष्प्रभाव के मामले अब तक नही आए हैं।’

जिन 580 लोगो मे प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिले हैं उनमें से अब तक केवल 7 ही लोगो को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है। इन 7 लोगो मे से दिल्ली के कुल तीन मरीज़ थे, जिनमें से 2 लोगो को छुट्टी भी मिल चुकी हैं। वही उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में एक-एक मामला सामने आया है और बाकी दो मामले कर्नाटक के है। इन सभी की हालत में सुधार है और जान का कोई जोखिम भी नही हैं। 

हाल ही में केंद्रीय सचिव राजेश भूषण ने बताया कि जितने लोगो का अब तक टीकाकरण हुआ हैं, उनमें से केवल 0.18% लोगो मे ही इसके दुष्प्रभाव देखने को मिले हैं। जबकि जिनको दुष्प्रभावों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है वे केवल 0.02% हैं। इसी कारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वेक्सीन को पूर्णतः सुरक्षित घोषित कर दिया हैं।

वेक्सीन निर्माता कंपनियों ने जारी की ‘फैक्ट शीट’ वेक्सीन के बारे में दी पूरी जानकारी- वेक्सीन में प्रयोग घटक, टीकाकारण के सुरक्षा नियमों इत्यादि से कराया अवगत।

साथ ही आपको बता दे कि सुरक्षा के लिहाज से वेक्सीन बनाने वाली दोनों कंपनियों ने अपनी वेब साइट्स पर ‘फैक्ट शीट’ जारी कर कोविशील्ड के फायदों और जोखिमो से अवगत कराने का पूरा प्रयास शुरू कर दिया है।

फेक्ट शीट’ में साफ बताया गया है कि कोविशील्ड के निर्माण में एल-हिस्टीडाइन, एल-हिस्टीडाइन हाइड्रोक्लोराइड मोनोहाइड्रेट, मैग्नेशियम क्लोराइड हेक्साहाइड्रेट, पॉलीसॉरबेट 80, इथेनॉल, सुक्रोज, सोडियम क्लोराइड, डाइसोडियम इडेटेट डाइहाइड्रेट (ईडीटीए), पानी की मात्रा का इस्तेमाल किया गया है। 

यदि किसी भी व्यक्ति को इन घटको से कोई भी एलर्जी या दिक्कत हो तो वह वेक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर को बता दे। साथ ही अगर कोई महिला गर्भवती है या स्तनपान करती है तो वह भी डॉक्टर की सलाह से ही वेक्सीन ले। साथ ही यदि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है या आपको रक्त संबंधित कोई बीमारी है तो भी दवा लेने से पहले डॉक्टर को ज़रूर बताएं।

वेक्सीन इंस्टिट्यूट ने ये भी कहा है अगर वेक्सीन के पहले डॉज़ से आपको कोई भी समस्या नज़र आए तो दूसरा डॉज़ ना ले।

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